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शिर्डी के साँई बाबा जी के दर्शनों का सीधा प्रसारण... अधिक जानने के लियें पूरा पेज अवश्य देखें
शिर्डी से सीधा प्रसारण ,...
"श्री साँई बाबा संस्थान, शिर्डी " ...
के सौजन्य से...
सीधे प्रसारण का समय ...
प्रात: काल 4:00 बजे से रात्री 11:15 बजे तक ...
सीधे प्रसारण का इस ब्लॉग पर प्रसारण केवल उन्ही साँई भक्तो को
ध्यान में रख कर किया जा रहा है जो किसी कारणवश बाबा जी के दर्शन
नहीं कर पाते है और वह भक्त उससे अछूता भी नहीं रहना चाहते,...
हम इसे अपने ब्लॉग पर किसी व्यव्सायिक मकसद से प्रदर्शित नहीं कर रहे है।
...ॐ साँई राम जी...
Wednesday, 21 March 2012
Tuesday, 20 March 2012
THE ALL MERCIFUL SAIMA’S BIRTHDAY GIFT TO HIS BELOVED CHILD
ॐ सांई राम
Sai’s ways are unfathomable, his ever flowing love for his children and his loving grace are just undeceivable by any human mind.
Monday, 19 March 2012
Sunday, 18 March 2012
Saturday, 17 March 2012
Friday, 16 March 2012
Thursday, 15 March 2012
गुरु की आवश्यकता
ॐ साईं राम
गुरु की आवश्यकता
हमे अपनी जीवन में गुरु की आवश्यकता क्यों पड़ती है इसका उत्तर स्वयं बाबा जी ने इस प्रकार दिया था
बाबा से भेंट करने के दूसरे दिन हेमाडपंत और काकासाहेब ने मसजिद में जाकर गृह लौटने की अनुमति माँगी । बाबा ने स्वीकृति दे दी ।
किसी ने बाबाजी से प्रशन किया – बाबा, कहाँ जायें ।
उत्तर मिला – ऊपर जाओ ।
प्रशन – मार्ग कैसा है ।
बाबा – अनेक पंथ है । यहाँ से भी एक मार्ग है । परंतु यह मार्ग दुर्गम है तथा सिंह और भेड़िये भी मिलते है ।
काकासाहेब – यदि पथ प्रदर्शक भी साथ हो तो ।
बाबा – तब कोई कष्ट न होगा । मार्ग-प्रदर्शक तुम्हारी सिंह और भेड़िये और खन्दकों से रक्षा कर तुम्हें सीधे निर्दिष्ट स्थान पर पहुँचा देगा । परंतु उसके अभाव में जंगल में मार्ग भूलने या गड्रढे में गिर जाने की सम्भावना है । दाभोलकर भी उपर्युक्त प्रसंग के अवसर पर वहाँ उपस्थित थे । उन्होंने सोचा कि जो कुछ बाबा कह रहे है, वह गुरु की आवश्यकता क्यों है । प्रत्युत इसके विपरीत यथार्थ में परमार्थ-लाभ केवल गुरु के उपदेश में किया गया है, जिसमें लिखा है कि राम और कृष्ण महान् अवतारी होते हुए भी आत्मानुभूति के लिये राम को अपने गुरु वसिष्ठ और कृष्ण को अपने गुरु सांदीपनि की शरण में जाना पड़ा था । इस मार्ग में उन्नति प्राप्त करने के लिये केवल श्रधा और धैर्य-ये ही दो गुण सहायक हैं ।
यदि हम अपने जीवन (खुदको) गुरु को समर्पण कर देते है तो गुरु हमे हर कठिनाइयों से बच्चाते है और हर कदम पैर हमें सही राह दिखाते है, बिना गुरु के जीवन व्यर्थ है, सिर्फ मानव योनी ही है जिसमे हम गुरु को पा सकते है और किसी योनी में हम गुरु का साथ नहीं पा सकते इसीलिए अपने मानव जीवन को व्यर्थ न करके इसे (खुदको) गुरु के चरणों समर्पित कर देना चाहिए और अपने गुरु के वचनों का पालन करना चाहिए!
आप सभी को साईं वार की हार्दिक शुभ कामनाये!
साईं कृपा सदा हम सब पर बनी रहे!
Wednesday, 4 January 2012
Shree Sai Palki Shobha Yatra, Bhajan Sandhya & Bhandara on dated 05.01.2012
You are cordially invited for
Shri Sai Sandhya & Palki Yatra
on 05 Jan 2012 (Thursday)
with your Family members
and friends as per programs are :-
Shree Sai Palki Shobha Yatra
at 1:00 PM
Palki will start from Sai Rasoi Chattarpur,
Palki will start from Sai Rasoi Chattarpur,
F-61 Suman Colony,
Chattarpur New Delhi 110074
to Sai Mandir,
Aggarwal Dharamshala,
100 Futa Road,
Chattarpur, New Delhi 110074.
Sai Bhajan Sandhya
Sai Bhajan Sandhya
at 4 pm to Sai Ichaa tak
Bhajan will perform by
Bhajan will perform by
Sufi Singer
R.Shridhar, Om Hasanwal
& Naresh Ujjwal
Bhandara
will start from 8 pm.
Please Come & Be Blessed.
for more details
con 9717436369.
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