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शिर्डी के साँई बाबा जी के दर्शनों का सीधा प्रसारण... अधिक जानने के लियें पूरा पेज अवश्य देखें

शिर्डी से सीधा प्रसारण ,... "श्री साँई बाबा संस्थान, शिर्डी " ... के सौजन्य से... सीधे प्रसारण का समय ... प्रात: काल 4:00 बजे से रात्री 11:15 बजे तक ... सीधे प्रसारण का इस ब्लॉग पर प्रसारण केवल उन्ही साँई भक्तो को ध्यान में रख कर किया जा रहा है जो किसी कारणवश बाबा जी के दर्शन नहीं कर पाते है और वह भक्त उससे अछूता भी नहीं रहना चाहते,... हम इसे अपने ब्लॉग पर किसी व्यव्सायिक मकसद से प्रदर्शित नहीं कर रहे है। ...ॐ साँई राम जी...

Wednesday 30 July 2014

श्री साईं लीलाएं - काका आप कल जायें

ॐ सांई राम




कल हमने पढ़ा था.. संकटमोचक साईं बाबा       

श्री साईं लीलाएं

काका आप कल जायें

शिरडी में जिस तरह रामजन्म उत्सव मनाया जातावैसे ही कृष्ण जन्मोत्सव भी मनाया जाता थापालना बांधकर कृष्ण जन्मदिन बड़ी धूमधाम सेहँसते गातेनाचते-भजन-कीर्तन करते हुए मनाया जाताआस-पास के गांवों से भी लोग इस उत्सव को देखने के लिए आते थे|
एक बार मुम्बई से काका महाजनी शिरडी आयेसप्ताह भर शिरडी में रहकर बाबा के सत्संग का लाभ उठाकरफिर कृष्ण जन्मोत्सव में शामिल होकर उसके आनंद का लाभ लेनें के बाद मुम्बई लौटने का उनका विचार थापरन्तु बाबा तो अंतर्यामी थेवे सबके मन की बात पहले ही जान लेते थेइसलिये काका महाजनी जब बाबा के दर्शन करने आये तो दर्शन कर चुकने के बाद साईं बाबा ने उनसे पूछा - "काकाआपका वापस जाने का विचार कब का है ?" बाबा का सवाल सुनकर काका हैरानी में पड़ गयेउन्होंने तो आठ-दस दिन रहने का विचार बना रखा थासवाल सुनकर काका उलझन में पड़ गयेफिर भी उन्होंने जवाब दिया - "बाबाजब भी आपकी आज्ञा होगी|" बाबा ने कहा - "तुम कल ही चले जाओ|"
काका महाजनी ने बाबा की आज्ञा को सर-माथे पर मानकर दूसरे ही दिन मुम्बई के लिए प्रस्थान कर दियारास्ते भर भी वह यही सोचते रहे कि उनकी तो रहने की इच्छा थी पर बाबा ने उन्हें वापस क्यों भेज दिया मुम्बई पहुंचने के बाद जब वे अपने ऑफिस गये तो पता चला कि उनका सेठ उनसे मिलने के लिए बेचैन है और इसके लिए वह पत्र लिखकर शिरडी भी भेज चुका हैपूछने पर पता चला कि मुनीम की तबियत अचानक खराब हो गयी है इसलिए आपकी ऑफिस में उपस्थिति जरूरी थीबाद में वह पत्र जो उनसे सेठ ने उनके लिए शिरडी भेजा थाउनके मुंबई वाले पते पर वापस भेज दिया गयाअब काका महारानी अच्छी तरह से समझ गये कि उन्हें बाबा ने क्यों वापस भेजा था|

कल चर्चा करेंगे..कुछ दिन रुको, आराम से चले जाना   

ॐ सांई राम
===ॐ साईं श्री साईं जय जय साईं ===
बाबा के श्री चरणों में विनती है कि बाबा अपनी कृपा की वर्षा सदा सब पर बरसाते रहें ।

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